डॉ. बी.आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जालंधर ने “सृजन’नोवेट-26” नामक ओपन डे पोस्टर एवं प्रोजेक्ट प्रदर्शन का आयोजन किया। इस अवसर पर प्रथम वर्ष के बी.टेक विद्यार्थियों द्वारा विकसित 120 से अधिक नवाचारी विचार, प्रोटोटाइप तथा कार्यशील मॉडल प्रस्तुत किए गए। इसमें कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थियों ने भाग लिया। यह आयोजन प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम में शामिल डिज़ाइन थिंकिंग एंड इंडस्ट्रियल इनोवेशन विषय के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसे भारत सरकार के डिज़ाइन और उद्यमिता पर क्षमता निर्माण डिज़ाइन एवं उद्यमिता पर क्षमता निर्माण (सीबीडीई) प्रोग्राम के तहत विकसित किया गया है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार और उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर छात्रों ने अपनी रचनात्मकता, व्यावहारिक सोच और समस्या समाधान क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने स्वास्थ्य, सुरक्षा, कृषि, सतत विकास, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तथा कैंपस से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के समाधान पर आधारित परियोजनाएँ प्रस्तुत कीं। विद्यार्थियों ने एलपीजी गैस सुरक्षा प्रणाली, अस्पताल सहायता मॉडल, स्मार्ट पार्किंग सिस्टम, पोश्चर मॉनिटरिंग डिवाइस, स्मार्ट पावर मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी तथा स्मार्ट लाइब्रेरी सीट मैनेजमेंट सिस्टम जैसे नवाचारी समाधान प्रस्तुत किए। इन परियोजनाओं ने दर्शाया कि छात्र तकनीकी ज्ञान और रचनात्मक सोच का उपयोग करते हुए सामाजिक एवं दैनिक जीवन की चुनौतियों के प्रभावी समाधान विकसित कर रहे हैं।
एनआईटी जालंधर के निदेशक प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया ने कार्यक्रम का अवलोकन किया, विद्यार्थियों से बातचीत की और उनके नवाचारी विचारों, समस्या समाधान की सोच तथा रचनात्मकता की सराहना की। इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ डीन भी उपस्थित रहे, जिनमें प्रो. रमन बेदी (डीन अकादमिक अफेयर्स), प्रो. रोहित मेहरा (डीन रिसर्च एंड कंसल्टेंसी), प्रो. अनिश सचदेवा (डीन स्टूडेंट वेलफेयर) तथा प्रो. एस. के. सिन्हा (डीन फैकल्टी वेलफेयर) शामिल थे। डॉ. दुष्यंत सिंह के नेतृत्व में लैब समन्वय टीम ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा विद्यार्थियों को पूरे आयोजन के दौरान मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन प्रदान किया। यह आयोजन युवा इंजीनियरिंग विद्यार्थियों की नवाचारी क्षमता को रेखांकित करता है और अनुभवात्मक शिक्षा, रचनात्मकता तथा व्यावहारिक शिक्षण के प्रति एनआईटी जालंधर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
